Jyotish Shastra me Chandrama se Shubhta ke liye Upay Mantra Totke Daan ।। चंद्रमा से शुभता के लिए उपाय मंत्र टोटके दान

Jyotish Shastra me Chandrama se Shubhta ke liye Upay Mantra Totke Daan ।। चंद्रमा से शुभता के लिए उपाय मंत्र टोटके दान - Astro Deep Ramgarhia

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ज्योतिष शास्त्र अनुसार चंद्रमा से शुभता प्राप्ति के लिए उपाय मंत्र टोटके दान

जिस घर में चंद्रमा अशुभ फल दे रहा हो वहां की महिलाएं बीमार और क्रोधी होती हैं, परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम की कमी होती है। संतान का विवाह होने में बाधा आती है। ऐसी स्थिति में चंद्रमा की शुभता प्राप्ति के लिए निम्न बताये उपाय करने चाहिए :

चंद्रमा जल का कारक है, इस नाते हमारे घर में पानी की टँकी का कारक चंद्रमा है। बहुत सारे घरों में पानी की टँकी की सफाई पर कोई ध्यान नहीं देते, ऐसे घर परिवार की आर्थिक स्थिति कभी भी अच्छी नहीं होती। इस नाते आपको चाहिए कि घर की पानी की टँकी को वर्ष में दो बार साफ ज़रूर करें।

चंद्रमा घर के बाथरूम का कारक भी है, और बहुत सारे घरों में बाथरूम की सफाई पर भी ध्यान नहीं दिया जाता। ऐसे घर परिवार की महिलाओं का स्वास्थ्य कभी भी अच्छा नहीं रहता। इस नाते आपको चाहिए कि बाथरूम की सफाई का ख्याल रखें , बाथरूम हमेशा उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।

चंद्रमा जल और दूध का कारक है, और बहुत सारे घरों में ऐसी गलतियां होती रहती हैं कि दूध चूल्हे पर गिर जाता है, ज़रूरत से ज़्यादा पानी का इस्तेमाल करते हैं, घर के नल खराब होने की वजह से पानी की बर्बादी होती है। ऐसे घरों में आर्थिक लेन देन को लेकर समस्या बनी रहती है, और दूसरों को दिया गया धन कभी वापिस नहीं मिलता। इस नाते चंद्रमा की शुभता प्राप्ति के लिए जल और दूध की बर्बादी कभी ना करें।

चंद्रमा हृदय का कारक है, इस नाते हमें हर रोज़ ऐसे व्यायाम करने चाहिए जो हमारे हृदय को मज़बूती प्रदान करें। सुबह शाम इष्ट देव का ध्यान करें, नित्य सुबह सूर्य देव और रात्रि को चंद्र दर्शन ज़रूर करें। ऐसा करने से आपका तेज और सम्मान भी सूर्य चंद्रमा की तरह बढ़ेगा, और आपके रुके हुए कार्य बनने लगेंगे।

Chandra grah mantra - चंद्र ग्रह मंत्र

चन्द्र ग्रह वैदिक मंत्र

ऊँ इमं देवा असपत्नं ग्वं सुवध्यं । महते क्षत्राय महते ज्यैश्ठाय महते जानराज्यायेन्दस्येन्द्रियाय इमममुध्य पुत्रममुध्यै पुत्रमस्यै विश वोsमी राज: सोमोsस्माकं ब्राह्माणाना ग्वं राजा ।

चंद्र ग्रह तांत्रिक मंत्र

ऊँ ऎं क्लीं सोमाय नम: ।

ऊँ श्रां श्रीं श्रौं चन्द्रमसे नम: ।

ऊँ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम: ।

चन्द्र एकाक्षरी बीज मंत्र

ऊँ सों सोमाय नम:

चंद्र ग्रह पौराणिक मंत्र

ऊँ दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम । नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुटभूषणम ।।

चन्द्र गायत्री मंत्र

“ऊँ अमृतंग अन्गाये विधमहे कलारुपाय धीमहि, तन्नो सोम प्रचोदयात ” ।।

सूर्य चन्द्र युति - अमावस्या योग

यदि जन्म कुंडली में चंद्रमा की युति सूर्य से हो तो ऐसी स्थिति में चंद्रमा के फल कमज़ोर होते हैं। इस नाते जातक को चंद्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय करने चाहिए। ऐसे जातक को चंद्रमा की मजबूती के लिए सूर्य की वस्तुओं को दान या जल प्रवाह करना चाहिए। और चंद्रमा की वस्तुओं को अपने साथ या घर में स्थापित करना चाहिए। सूर्य के लिए गुड़ जल प्रवाह करना और लाल वस्त्र का दान करने के उपाय ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं। और चंद्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय के तौर पर घर में पेड़ पौदे लगाना, चांदी का चोकोर सिक्का अपने साथ रखना, खाने के लिए चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करना, घर में गंगाजल रखने के उपाय ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं।

चन्द्र शुक्र युति - सास बहु का झगड़ा

आपको यह जानकर थोड़ा आश्चर्य भी होगा कि ज्योतिष शास्त्र में चंद्र शुक्र युति को भी अशुभ कहा गया है। क्योंकि चंद्रमा माता और शुक्र लक्ष्मी यानी घर की बहू होती है। और सामान्य तौर पर यही देखने को मिलता है कि सास बहू एक दूसरे के साथ तालमेल नहीं बैठा पाती। इसी लिए चंद्र शुक्र युति को सास बहू के बीच झगड़े का योग कहा गया है। इसके इलावा इस युति की वजह से जातक आमदनी और खर्च में भी तालमेल नहीं रख पाता। जिसकी वजह से जातक का बैंक खाता खाली ही रहता है। इस नाते ऐसे जातक को शुभता प्राप्ति के लिए चंद्र शुक्र का झगड़ा खत्म करने के लिए गुरु से मदद लेनी चाहिए। क्योंकि ज्योतिष शास्त्र भी यही कहता है कि दो ग्रहों के झगड़े को उन दोनों का मित्र ग्रह ही शांत करवा सकता है। इस नाते ऐसे जातक को चंद्र और शुक्र दोनों ग्रह की वस्तुओं को घर के मंदिर में रखना चाहिए। चंद्र के लिए गंगाजल और शुक्र के लिए सुगंधित इत्र घर के पूजा स्थान में रखने चाहिए। और पूजा पाठ भी नियमित समय पर हर रोज़ करना चाहिए।

चन्द्र शनि युति - विष योग

यह युति बहुत लोगों की जन्म कुंडली में देखने को मिलती है। और इस युति की वजह से जातक के धन से संबंधित किये फैसले हमेशा गलत जाते हैं, जातक को आर्थिक नुकसान होता है। और परिवार में भी सुख का अभाव होता है। ऐसी स्थिति में जातक को सोम प्रदोष व्रत करना चाहिए, यानी सोमवार के दिन त्रयोदशी तिथि आने पर व्रत और शिव पूजा करनी चाहिए। इसके इलावा जातक को चंद्रमा की मजबूती के लिए शनि की वस्तुओं को दान या ज़मीन में दबाना चाहिए। और चंद्रमा की वस्तुओं को अपने साथ या घर में स्थापित करना चाहिए। शनि के लिए शनिवार के दिन सरसों का तेल, काले वस्त्र, जूते चप्पल, तवा, चिमटा या कोई भी लोहे का सामान दान करने के उपाय ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं। और चंद्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय के तौर पर घर में पेड़ पौदे लगाना, चांदी का चोकोर सिक्का अपने साथ रखना, खाने के लिए चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करना, घर में गंगाजल रखने के उपाय ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं।

चन्द्र राहू युति - धोखे का योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार राहु को धोखे का कारक बताया गया है। इस नाते चंद्र राहु युति से प्रभावित जातक को अक्सर ही मित्रता या प्रेम संबंध में धोखे मिलते हैं। अचल संपत्ति की खरीद बेच में बाधा आती है। और कारोबार में पैसा भी अटकता है। इस नाते ऐसे जातक को शुभता प्राप्ति के लिए राहु की वस्तुओं को दान या जल प्रवाह करना चाहिए और चंद्रमा की वस्तुओं को खुद धारण करना चाहिए या घर में रखना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र अनुसार राहू की शांति के लिए शनिवार के दिन नारियल, कोई भी अनाज, नीली स्याही, नीले वस्त्र, सफाई के सामान दान करने के उपाय ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं। और चंद्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय के तौर पर घर में पेड़ पौदे लगाना, चांदी का चोकोर सिक्का अपने साथ रखना, खाने के लिए चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करना, घर में गंगाजल रखने के उपाय ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं।

चन्द्र केतु युति - अध्यात्म योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार चंद्र केतु युति को पितर दोष बताया गया है। इस युति में चंद्रमा काफी खराब होता है। जिसकी वजह से जातक को उसका कैरियर बनाने में, नौकरी कारोबार में स्थिरता के लिए काफी प्रयास करने पड़ते हैं और विवाह होने में देरी और फिर पुत्र प्राप्ति में भी बाधा आती है। चंद्रमा का यह पितृ दोष 3 पीढ़ियों तक परेशान करता है। ऐसे जातक को इस दोष की शांति के लिए पूर्णिमा के दिन चंद्रमा के वैदिक मंत्र का जप 11 हज़ार बार किसी पंडित से करवाना चाहिए। और केतु की शांति के लिए पंडित को भोजन, वस्त्र और दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। इसके इलावा केतु की शांति के लिए खट्टी चीज़ें, दो रंगे वस्त्र, काले और सफेद तिल दान करने के उपाय ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं।

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