Jupiter Transit in Taurus for Aquarius sign ।। गुरु गोचर वृषभ राशि में प्रभाव कुंभ राशि

Jupiter Transit in Taurus for Aquarius sign ।। गुरु गोचर वृषभ राशि में प्रभाव कुंभ राशि - Astro Deep Ramgarhia

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गुरु ग्रह गोचर वृषभ राशि : कुंभ राशि पर शुभ अशुभ प्रभाव 

गुरु ग्रह का गोचर 1 मई 2024 से 14 मई 2025 तक वृषभ राशि में होगा। आपकी कुंभ राशि की जन्म कुंडली में यह गोचर चतुर्थ भाव में भाव में होगा। जो घर, परिवार, मानसिक शांति, और व्यक्तिगत सुख-संस्कृति से जुड़ा हुआ है। यह गोचर आपके घरेलू जीवन, परिवारिक संबंधों और मानसिक शांति के मामलों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। साथ ही, यह समय आपके लिए अपने अंदर गहरे बदलाव करने और व्यक्तिगत सुख की दिशा में काम करने का हो सकता है।

जानकारी के लिए बता दें कि आपकी चन्द्र कुंडली में यह गोचर चतुर्थ भाव में होगा और यह गोचर सामान्यता शुभ फल देता है। हालाकि इसके लिए अन्य पहलु जैसे कि जन्म कुंडली में गुरु ग्रह की राशि अनुसार स्थिति और अन्य ग्रहों से युति या दृष्टि प्रभाव से गोचर के फल प्रभावित हो सकते हैं।

अगर जन्म कुंडली में गुरु ग्रह उच्च या मित्र राशि में या योग कारक और शुभ ग्रहों से संबंधित है तो इस गोचर के फल भी शुभ होंगे। लेकिन यदि जन्म कुंडली में गुरु नीच या शत्रु राशि में या मारक और अशुभ ग्रहों से संबंधित है तो इस गोचर के फल भी अशुभ होंगे।

सकारात्मक प्रभाव:

1. घरेलू जीवन में सुख और शांति:

- गुरु का गोचर 4थे भाव में आपको घर और परिवार से जुड़ी मामलों में सुख और शांति प्राप्त करने का अवसर देगा। आपके परिवार में प्रेम और सौहार्द बढ़ सकता है, और घर का वातावरण सकारात्मक और सुकूनदायक बन सकता है।

- अगर आपने अपने घर की मरम्मत, सजावट या नवीनीकरण की योजना बनाई है, तो इस समय को इसके लिए अनुकूल मान सकते हैं। आपके घर के वातावरण में स्थिरता और समृद्धि आएगी।

2. मानसिक शांति और संतुलन:

- 4था भाव मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन से जुड़ा होता है, और गुरु का गोचर यहां आपकी आंतरिक दुनिया को शांत करने और मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने में मदद कर सकता है। यह समय खुद को समझने और आत्ममूल्यांकन का हो सकता है।

- इस दौरान, आप अपने विचारों और भावनाओं को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर पाएंगे और आंतरिक शांति की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे।

3. परिवार में समर्थन और प्यार:

- गुरु का गोचर आपके परिवार से सहयोग और समर्थन प्राप्त करने का समय है। परिवार के सदस्य आपके विचारों और दृष्टिकोण का सम्मान करेंगे, जिससे पारिवारिक रिश्तों में सामंजस्य और प्रेम बढ़ेगा।

- यह समय आपके परिवार के साथ अच्छे संबंध बनाने और पारिवारिक मामलों में सुधार लाने का है।

4. घर के लिए निवेश और संपत्ति:

- घर और संपत्ति से जुड़ी गतिविधियों में आपको लाभ मिल सकता है। गुरु का गोचर आपको संपत्ति खरीदने, घर में निवेश करने या परिवार से संबंधित वित्तीय मामलों में सफलता दिला सकता है।

- यह समय घर के नवीकरण या किसी संपत्ति संबंधी निर्णय लेने के लिए अनुकूल हो सकता है।

5. आध्यात्मिक उन्नति:

- 4था भाव आत्मा और भावनाओं से जुड़ा होता है। गुरु का गोचर इस स्थान पर आपको आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में मार्गदर्शन और सहायता दे सकता है।

- आप अपने आंतरिक आत्मा से जुड़ने और जीवन में संतुलन और शांति बनाए रखने की दिशा में काम कर सकते हैं।

चुनौतियाँ:

1. परिवारिक दवाब और अपेक्षाएँ:

- हालांकि यह समय परिवार में अच्छा समर्थन और प्यार प्राप्त करने का हो सकता है, लेकिन कभी-कभी परिवार के सदस्य आप पर कुछ अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। यह समय आपके परिवार से जुड़ी कुछ उम्मीदों और दवाबों को महसूस करने का हो सकता है।

- परिवार की समस्याओं या अपेक्षाओं से तनाव उत्पन्न हो सकता है। आपको परिवारिक मामलों में संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता होगी।

2. घर में बदलाव और संघर्ष:

- घर से जुड़ी कोई समस्या उत्पन्न हो सकती है, जैसे कि घर के किसी सदस्य के साथ विचारों का मतभेद या संपत्ति के मामलों में मतभेद। यह समय आपके लिए घर में किसी बड़े बदलाव से गुजरने का हो सकता है।

- घर से जुड़े किसी मामले में संघर्ष हो सकता है, लेकिन इसे शांतिपूर्वक हल करने के प्रयास करें।

3. आर्थिक तनाव:

- घर या संपत्ति से जुड़ी कुछ वित्तीय चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। आप किसी संपत्ति से संबंधित बड़ा निवेश करने के बारे में सोच सकते हैं, लेकिन आपको इसके परिणामों को ठीक से समझने और सावधानी से निर्णय लेने की आवश्यकता होगी।

- आर्थिक मामलों में ज्यादा जोखिम लेने से बचें, खासकर यदि आपके पास वित्तीय संसाधन सीमित हैं।

4. आध्यात्मिक भ्रम:

- 4था भाव आंतरिक शांति और मानसिक संतुलन से जुड़ा हुआ होता है, और कभी-कभी गुरु का गोचर यहां भ्रम उत्पन्न कर सकता है। आप अपने आंतरिक अनुभवों और विचारों के प्रति स्पष्ट नहीं हो सकते, जिससे मानसिक उथल-पुथल उत्पन्न हो सकती है।

- यह समय ध्यान और आत्ममूल्यांकन की आवश्यकता को महसूस करवा सकता है, ताकि आप आध्यात्मिक और मानसिक उन्नति के मार्ग पर जा सकें।

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